31 अगस्त 2025, रविवार, सिद्धार्थनगर – जिले में निबंधन शुल्क की अचानक और मनमानी वृद्धि के खिलाफ शनिवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आपत्तियाँ दाखिल होने के बावजूद डीएम ने किसी पक्ष की सुनवाई किए बिना शुल्क बढ़ाने का आदेश पारित कर दिया, जो जनहित और न्यायहित दोनों के खिलाफ है।
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष कृपा शंकर त्रिपाठी और तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष गणेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि पूरे प्रदेश में कहीं भी निबंधन दर नहीं बढ़ाई गई, लेकिन केवल सिद्धार्थनगर में यह निर्णय लागू किया गया है। अधिवक्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में अब्दुल हक़ एडवोकेट, डीडी उपाध्याय, शब्बीर अहमद एडवोकेट और अनूप कुमार त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। सभी ने स्पष्ट कहा कि यह वृद्धि आम वादकारियों पर अतिरिक्त बोझ डालकर न्याय तक पहुंच को कठिन बना देगी।
लेखक की राय
सिद्धार्थनगर में अधिवक्ताओं का विरोध केवल शुल्क वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता की परीक्षा भी है। न्याय प्रणाली से जुड़े निर्णय तब और संवेदनशील हो जाते हैं जब वे सीधे आम नागरिकों की न्याय तक पहुंच को प्रभावित करें। ऐसे में प्रशासन को एकतरफ़ा आदेश लागू करने के बजाय संवाद और सहमति पर आधारित निर्णय लेना चाहिए, ताकि न्याय और जनहित दोनों सुरक्षित रह सकें।




